Thursday, January 13, 2011

:)


तेरे होने का अहसास
हर पल एक बराबर मुझसे जुड़ा है
वक़्त जैसे हर पल हर लम्हे में बराबर बटा है
किसी हिस्से में ना कम ना ज्यादा हुआ है
ऐसे ही तू कहीं रहे, किसी के साथ हो
हर किसी को बस पूरा मिला है :)

Tuesday, January 4, 2011

इश्क


वो खुदा जिसका नाम था हर अजान में

वो हमें पहले कभी नज़र ना आया

पर जबसे तुझसे इश्क हुआ

उसके होने का अहसास हर पल पाया !

Thursday, November 11, 2010

:)

तुमको जब भी करीब पाती हूँ
मैं हर गम को भूल जाती हूँ !

Monday, September 6, 2010

बरसाते

कभी अच्छी लगती थी बरसाते मुझे
जब तेरे प्यार कि बारिश में भीगती थी मैं
आज भी अच्छी लगती हैं बरसाते
जब जी भर रोने को बारिश में भीगती हूँ मैं!

Monday, August 23, 2010


ये मोहब्बत कि राह भी अजीब हैं
जब लगा मंजिल मिल गयी पता चला
अभी तो सफ़र शुरू हुआ ही नहीं !

Tuesday, August 3, 2010

प्यार मत करना

माँ कहती थी
प्यार मत करना
पापा कहते थे
लड़कों से दूर ही रहना
दीदी कहती थी
पापा का नाम खराब मत करना
हमारे जैसे घरों कि लड़कियां प्यार नहीं करती!

पर माँ-पापा-दीदी आपने ये तो कभी बताया ही नहीं
कि जब मन किसी से बंधने लगे तो क्या करना,
जब कोई बिना बताये ज़िन्दगी में शामिल हो जाये
तो उसको कैसे बाहर करना
और आपने ये भी तो नहीं बताया
कि प्यार न होने के लिए क्या करना?

Monday, July 26, 2010

पल



अंधियारी रात में
सड़क के किनारे
लेम्पपोस्ट के नीचे झरती
मद्धम मद्धम रौशनी में
बेंच पर बैठे
एक दूसरे को देखते
कुछ मुस्कुराते
कुछ आंसू लाते
कुछ बेफिक्र से बहते
कुछ गाते से पल
आँखों में ऐसे बस गए हैं
जैसे सीप में मोती !