
ये ख्वाबों कि बारिशे नहीं छोडती सूखा मुझे
इस बार तुम ही सूरज बन कर आओ...
Monday, March 21, 2011
Wednesday, January 26, 2011
तुम याद आते हो
रात के लम्बे सफ़र में
जब नींद नहीं आती
करवटे बदलते बदलते
तो तुम याद आते हो
खाना खाते खाते जब
कुछ गले में अटक जाता है
और कोई पानी नहीं लाता
तो तुम याद आते हो
रास्ते पर चलते चलते
जब थक कर जाती हूँ
तुम्हे थाम चलने को जी चाहता है
तो तुम याद आते हो
किसी से जब होता है झगडा
या किसी बात पर होता है मन खराब
तुम्हारे गले लगने को जी चाहता है
तो तुम याद आते हो
Posted by सुरभि at 12:02 PM 3 comments
Tuesday, January 18, 2011
Thursday, January 13, 2011
:)

तेरे होने का अहसास
हर पल एक बराबर मुझसे जुड़ा है
वक़्त जैसे हर पल हर लम्हे में बराबर बटा है
किसी हिस्से में ना कम ना ज्यादा हुआ है
ऐसे ही तू कहीं रहे, किसी के साथ हो
हर किसी को बस पूरा मिला है :)
Posted by सुरभि at 7:37 PM 4 comments
Tuesday, January 4, 2011
इश्क

वो खुदा जिसका नाम था हर अजान में
वो हमें पहले कभी नज़र ना आया
पर जबसे तुझसे इश्क हुआ
उसके होने का अहसास हर पल पाया !
Posted by सुरभि at 7:18 PM 4 comments
Thursday, November 11, 2010
Monday, September 6, 2010
बरसाते
कभी अच्छी लगती थी बरसाते मुझे
जब तेरे प्यार कि बारिश में भीगती थी मैं
आज भी अच्छी लगती हैं बरसाते
जब जी भर रोने को बारिश में भीगती हूँ मैं!
Posted by सुरभि at 8:22 PM 2 comments
